संगठन


महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की देख रेख में चलता है जो कि महिला एवं बाल विकास जैसे कार्यो को देखता है। मंत्रालय के कार्यो की देखरेख 4 ब्योरों से होती है। यह हैं- ब्यूरो आफ चाइल्ड डेवलपमेंन्ट ब्यूरो आफ चाइल्ड वेलफेयर एण्ड न्यूट्रीशन, ब्यूरो आफ वोमन डेवलपमेंन्ट और ब्यूरो आफ माइक्रोक्रडिट डेवलपमेंन्ट। अत: यहाँ चार ब्यूरो हैं और उनकी देखरेख संयुक्त सचिव करते हैं। मंत्रालयों के 4 स्वचालित संगठन है। नेशनल इस्टीट्यूट आफ पब्लिक कोपरेटिव एण्ड चाइल्ड डेवलपमेंन्ट (एन०आई०पी०सी०सी०डी०), राष्ट्रीय महिला कोष (आर०एम०के०), सेन्ट्रल सोशल वेलफेयर बोर्ड (सी०एस०डब्लू०बी०) और सेन्ट्रल एडाप्शन रिर्सोस एजेन्सी (सी०ए०आर०ए०)। एन०आई०पी०सी०सी०डी० और आर०एम०के० सोसाइटीज रेजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 के अंतर्गत पंजीकृत है। सी०एस०डब्लू०बी० एक धर्माथ कम्पनी है जो कि श्इण्डियन कम्पनीज एक्टस के सेक्शन 25 के अन्तर्गत पंजीकृत है। सभी संगठनों को सरकार द्वारा पूर्ण सहायता प्रदान की जाती है और सभी संगठन विभागों का कार्य करने में मदद करते है और साथ ही नये कार्यक्रमों और योजनाओं की भी शुरूआत करते है। महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिये नेशनल कमीशन फार वोमनश् की स्थापना एक राष्ट्रीय शीर्ष वैधानिक संगठन के रूप में 1992 में की गई।

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