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विभाग द्वारा संचालित योजनायें



महिलायें विशेषकर निर्बल निराश्रित असहाय महिलाओं को सबल, समर्थ बनाते हुए समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के उदृदेश्य से विभाग द्वारा कई योजनायें संचालित की जा रही है।

1. पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिलाओं को सहायता प्रदान किये जाने हेतु उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पेंशन योजना व्यवहरित है। योजनान्तर्गत लाभार्थियों का कुल भौतिक लक्ष्य 2349898 निर्धारित है । प्रत्येक लाभार्थी को प्रति माह रू0 500/— की धनराशि दी जाती है। नवीन लाभार्थी वेबसाइट www.mahilakalyanup.nic.in पर आवेदन कर सकते हैं
2. पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिला पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु एकमुश्त रू0 10000/— की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पिछडा वर्ग/ अल्पसंख्यक कल्याण/समाज कल्याण विभाग में समानान्तर योजना संचालित होने एंव अनुदान राशि रू0 20000/— होने के कारण योजनान्तर्गत अपेक्षित प्रगति नही होती है। उच्च स्तरीय निर्णय के क्रम में योजना समाज कल्याण विभाग को हस्तान्तरित करने की कार्यवाही विचाराधीन है।
3. पति की मृत्युपरान्त निराश्रित महिला से पुनर्विवाह करने पर दम्पत्ति को पुरस्कार योजना के अन्तर्गत निराश्रित महिलायें जिनके पति की मृत्यु हो गयी हो, से पुनर्विवाह करने पर दम्पत्ति को पुरस्कृत किये जाने की योजना संचालित है, बशर्ते की वह आयकर दाता न हो । दम्पत्ति को विवाह से एक वर्ष के अन्दर अनुदान प्राप्त करने हेतु प्रार्थनापत्र जिला परिवीक्षा अधिकारी के कार्यालय में जमा करना होता है एंव जिलाधिकारी की स्वीकृति के उपरान्त दम्पत्ति को रू0 11000/— का पुरस्कार दिया जाता है ।
4. गरीबी की रेखा के नीचे निवासरत दहेज से पीडित महिला जोे किसी अन्य विभाग से सहायता प्राप्त न कर रही हो, उत्पीडन की प्राथमिकी थाने में दर्ज करा चुकी हो अथवा न्यायालय में जिसका वाद विचाराधीन हो, जिला परिवीक्षा अधिकारी, जो जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी भी नामित हैं, के कार्यालय से सहायता प्राप्त कर सकती है। आवेदन पत्र पर जिलाधिकारी की स्वीकृति के उपरान्त पात्र महिला को रू0 125/— प्रतिमाह की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
5. गरीबी की रेखा के नीचे निवासरत दहेज से पीडित ऐसी महिलाओं को, जिन्हें अन्य विभाग द्वारा सहायता प्राप्त न हो रही हो, वाद न्यायालय में विचाराधीन हो, को कानूनी पैरवी हेतु रू0 2500/— की एकमुश्त सहायता धनराशि प्रदान की जाती है। जिला परिवीक्षा अधिकारी, जो जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी भी नामित हैं, के कार्यालय में सहायता प्राप्त करने हेतु आवेदन पत्र देना होता है, जिलाधिकारी की स्वीकृति के उपरान्त ऐसी पात्र महिला को सहायता प्रदान की जाती है।

महिला कल्याण निगम द्वारा संचालित योजनायें-

एकल श्रमजीवी महिला आवास योजना -
यह केन्द्र सरकार द्वारा पुरोनिधानित योजना है जिसके अन्तर्गत भूमि एवं निर्माण लागत का क्रमश: 50 प्रतिशत तथा 75 प्रतिशत अनुदान राशि वित्तीय सहायता के रूप में उपलब्ध करया जाता हैं अवशेष अनुदान राशि क्रमश: 50 प्रतिशत तथा 25 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जाती है निगम के 6 जनपद मुख्यालयों क्रमश: आगरा, कानपुर, लखनऊ, फैजाबाद, गोरखपुर एवं वाराणसी में कामकाजी महिला आवास निर्मित है, ये आवास ऐसी कामकाजी महिलाएं जो अविवाहित, परित्यक्ता, जिनके पति का देहान्त हो चुका हो अथवा जिनके पति किसी अन्य शहर सेवारत हों, को सुरक्षित एवं सस्ती आवासीय सुविधा प्रदान करने हेतु संचालित है
योजनाओं से सम्बन्धित फार्म एव० विस्तृत जानकारी जिला परिवीक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जाती है।