हमारे दृष्टिकोण


महिलाओं की स्वतंत्रता, समानता, शिक्षा तथा स्वास्थ्य का स्तर किसी भी राष्ट्र के सर्वागीण विकास की प्रथम आवश्यकता है । भारतीय समाज में भारतीय संविधान के अनुच्छेद-१५ के अंतर्गत महिलाओं को प्रदत्त समानता के अधिकारों के बावजूद महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक, राजनैतिक एवं शैक्षिक स्थिति में विषमता आज भी विद्यमान है । वर्ष २००१ की गणना के आधार पर प्रदेश की कुल जनसंख्या में महिलाओं की जनसंख्या ४७.३३ प्रतिशत है, किन्तु उत्तर प्रदेश की कुल श्रमशक्ति में महिलाओं का प्रतिनिधित्व ३३ प्रतिशत ही है । महिलाओं को आर्थिक रूप से सम्पन्न कराते हुए आत्मनिर्भर बनाने व समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों द्वारा महिलाओं के रोजगारपरक अनेकों कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं । देश के समग्र विकास के लिए महिलाओं का सशक्त होना नितांन्त आवश्यक एवं अपरिहार्य है । जिसके लिए शासन कटिबद्ध है ।  

हमारे लाभार्थी

• पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिलाये।

• दहेज पीड़ित महिलाये।

• किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम 2000 के अन्तर्गत विधि का उल्लंघन करने वाले 10 से 18 वर्ष के किशोर एवं किशोरियाँ।

• 0 से 18 वर्ष तक के समाज से उपेक्षित शिशु / बालक / बालिका जिन्हें देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता है |

• अनैतिक देह व्यापार निरोधक अधिनियम 1956 के अधीन पकड़ी गयी महिलाये।

• मानसिक रूप से अविकसित महिलाये।

• समाज की गरीब उपेक्षित महिलाये जिन्हें देखभाल एवं संरक्षण की आवश्यकता है |

 

हमारे कार्यकलाप

पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिलाओं को सहायता अनुदान योजना। पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिलाओं से पुनर्विवाह करने पर दम्पत्ति को पुरस्कार योजना। पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिलाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु अनुदान योजना | दहेज से पीड़ित महिलाओं को आर्थिक सहायता योजना। दहेज से पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता योजना । गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से महिलाओं के उत्थान हेतु भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कार्यक्रम :-

• महिलाओं / लड़कियों के लिए अल्पावास गृह।

• महिलाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम हेतु सहायता (स्टेप)।

• बच्चों के लिये देखभाल केन्द्र सहित कामकाजी महिलाओं के लिये होस्टल भवनों का निर्माण /विस्तार

• महिला तथा बाल विकास के क्षेत्र में कार्यरत स्वैच्छिक संगठनों के लिये सामान्य सहायता अनुदान।

 

हमारी वचनबद्धता


महिलायें विशेषकर निर्बल निराश्रित असहाय महिलाओं को सबल, समर्थ बनाने हेतु समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के उद्देश्य से विभाग द्वारा पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित / पुत्री विवाह हेतु अनुदान, दहेज पीड़ित महिला को आर्थिक / कानूनी सहायता आदि योजनाओं का जनपद स्तर पर सफल संचालन करना विभागीय संस्थाओं आदि का प्रभावी निरीक्षण करते हुये उनका सफल संचालन कराना | आपराधिक मानसिकता से जुड़े होने पर अल्पायु बालक / बालिकायें एवं किशोर / किशोरियां जो अपराध की गिरफ्त में आ जाते हैं अथवा कुछ ऐसे अबोध, असहाय एवं निराश्रित बालक / बालिकायें जिन्हें माता -पिता अथवा संरक्षण के आभाव के कारण विकास के समुचित अवसर प्राप्त नहीं हो पाते, उन्हें अपराध की दुनिया से निकालने तथा संरक्षण प्रदान करने एवं अबोध तथा असहाय बालकों / बालिकाओं एवं महिलाओं को संरक्षण प्रदान करते हुये समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के उदृदेश्य से विभाग द्वारा विभिन्न गृहों का संचालन किया जाता है जिसमें बालक / बालिकाओं, किशोर / किशोरियों एवं महिलाओं को आयु, लिंग व प्रकृति को दृष्टिगत रखते हुये विभिन्न गृहों में संरक्षण प्रदान किया जाता हैं प्रदेश की इस मानव शक्ति को अच्छा नागरिक बनाने के लिए शासन वचनबद्ध है।

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