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विभाग द्वारा संचालित योजनायें


महिलायें विशेषकर निर्बल निराश्रित असहाय महिलाओं को सबल, समर्थ बनाते हुए समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के उदृदेश्य से विभाग द्वारा कई योजनायें संचालित की जा रही है।

  1. पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिलाओं सहायक अनुदान योजना के अन्तर्गत ऐसी निराश्रित महिलायें जिनके पति की मृत्यु हो गई हो व जिनकी वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्र में रू0 19884 /- एवं शहरी क्षेत्र में रू 25546 /- वार्षिक है,  जिनके बच्चे नाबालिक हैं अथवा बालिग होने के बावजूद भारण पोषण के लिये असमर्थ हैं, को रू० 300/- प्रतिमाह का अनुदान दिया जाता है।
  2. पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिलाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु अनुदान योजना के अन्तर्गत पति की मृत्यु के उपरान्त अनुदान प्राप्त कर रही महिलाओं की पुत्रियों के विवाह हेतु एक मुश्त रू० 10,000 /- ( दस हजार ) सहायता/अनुदान दिया जाता है।
  3. पति की मृत्यु के उपरान्त निराश्रित महिलाओं से पुनर्विवाह करने पर दम्पत्ति को पुरस्कार 35 वर्ष से कम आयु की पति की मृत्यु उपरान्त निराश्रित महिला के पुनर्विवाह को प्रोत्साहन करने हेतु  उनसे विवाह करने पर उस दम्पत्ति को पुरस्कृत करने की योजना संचालित है | दम्पत्ति आयकर दाता न हो। ऐसी दम्पत्ति को विवाह के लिये रू० 11,000/- का पुरस्कार दिया जाता है।
  4. दहेज से पीड़ित महिलाओं की आर्थिक सहायता दहेज से पीड़ित महिलाएं जो शासकीय संस्था की संवासिनी न हो, किसी अन्य विभाग से सहायता न प्राप्त कर रही हो, पुलिस में प्रथम सूचना दर्ज करा दी गई हो अथवा न्यायालय में प्रतिवाद विचाराधीन हो एवं गरीबी की रेखा से नीचे जीवन यापन कर रही हो,  को रू० 125/- प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाती है।
  5. दहेज से पीड़ित महिलाओं को कानूनी सहायता -
    दहेज के कारण परित्यक्ता महिला को प्रत्येक वाद की पैरवी हेतु अधिकतम रू० 2500/- की सहायता जिला दहेज प्रतिषेध अधिकारी (जिला परिवीक्षा अधिकारी) द्वारा दी जाती है। समस्त जिला परीविक्षा  अधिकारी  दहेज़ प्रतिषेध अधिकारी नामित हैं |

महिला कल्याण निगम द्वारा संचालित योजनायें-

  1. एकल श्रमजीवी महिला आवास योजना -
    यह केन्द्र सरकार द्वारा पुरोनिधानित योजना है जिसके अन्तर्गत भूमि एवं निर्माण लागत का क्रमश: 50 प्रतिशत तथा 75 प्रतिशत अनुदान राशि वित्तीय सहायता के रूप में उपलब्ध करया जाता हैं अवशेष अनुदान राशि क्रमश: 50 प्रतिशत तथा 25 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध करायी जाती है निगम के 6 जनपद मुख्यालयों क्रमश: आगरा, कानपुर, लखनऊ, फैजाबाद, गोरखपुर एवं वाराणसी में कामकाजी महिला आवास निर्मित है, ये आवास ऐसी कामकाजी महिलाएं जो अविवाहित, परित्यक्ता, जिनके पति का देहान्त हो चुका हो अथवा जिनके पति किसी अन्य शहर सेवारत हों, को सुरक्षित एवं सस्ती आवासीय सुविधा प्रदान करने हेतु संचालित है

योजनाओं से सम्बन्धित फार्म एव० विस्तृत जानकारी जिला परिवीक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त की जाती है।

 

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